CIBIL Score Rule : सिबिल स्कोर पर आरबीआई के द्वारा लिया गया बड़ा फैसला नया नियम हुआ लागू।

कई लोगों के मन में यह सवाल उठता है कि अचानक उनका क्रेडिट स्कोर क्यों बदल रहा है। पैसे की जरूरत के समय जब लोन या क्रेडिट कार्ड की बात आती है तब सिबिल स्कोर सबसे अहम बन जाता है। हाल ही में सिविल स्कोर अपडेट के बाद बहुत से उपभोक्ताओं ने अपने स्कोर में बदलाव महसूस किया है। यह बदलाव डराने वाला नहीं बल्कि भविष्य के लिए ज्यादा साफ और सटीक जानकारी देने वाला कदम है। आइए आसान भाषा में समझते हैं कि नया सिबिल स्कोर क्या है और इसका असर आपकी जिंदगी पर कैसे पड़ेगा।

स्कोर बदलने की असली वजह

सिबिल स्कोर एक गणना प्रणाली से तैयार किया जाता है जिसमें आपकी पूरी क्रेडिट आदतों को देखा जाता है। नए अपडेट में स्कोर बनाने के तरीके को और बेहतर किया गया है। अब पुराने की तुलना में ज्यादा समय के क्रेडिट इतिहास को शामिल किया जा रहा है। पहले जहां 24 महीने का डेटा देखा जाता था वहीं अब 36 महीने तक की जानकारी ली जा रही है। इससे आपकी सही वित्तीय तस्वीर सामने आती है और जोखिम का आकलन ज्यादा सटीक हो जाता है।

नए स्कोर से उपभोक्ताओं को लाभ

नया सिबिल स्कोर उपभोक्ताओं के लिए कई मायनों में फायदेमंद है। जो लोग समय पर भुगतान करते हैं उन्हें अब ज्यादा सही पहचान मिलती है। नए स्कोर से बैंक और वित्तीय संस्थान बेहतर शर्तों पर लोन देने में सक्षम होते हैं। पहले जिन लोगों को लोन नहीं मिलता था अब उन्हें भी मौका मिल सकता है। छोटे बदलावों को भी ध्यान में रखकर स्कोर तय किया जा रहा है जिससे ईमानदार उपभोक्ता को लाभ होता है।

स्कोर कम दिखने का मतलब खराब प्रोफाइल नहीं

कई लोगों का स्कोर बिना किसी चूक के भी थोड़ा कम दिखाई दे रहा है। इसका मतलब यह नहीं है कि आपकी क्रेडिट आदतें खराब हो गई हैं। यह बदलाव सिर्फ नए गणना तरीके की वजह से है। पुराने और नए स्कोर के आंकड़ों की तुलना सीधे करना सही नहीं है। बैंक भी इस बदलाव को समझते हैं इसलिए लोन फैसलों पर इसका नकारात्मक असर नहीं पड़ता।

बैंक और डैशबोर्ड स्कोर में अंतर क्यों

कुछ मामलों में बैंक के पास मौजूद स्कोर और आपके डैशबोर्ड पर दिखने वाला स्कोर अलग हो सकता है। इसका कारण यह है कि सभी बैंक अभी नए स्कोर सिस्टम पर पूरी तरह शिफ्ट नहीं हुए हैं। जब तक यह प्रक्रिया पूरी नहीं होती तब तक थोड़ा अंतर दिख सकता है। यह अंतर अस्थायी है और भविष्य में अपने आप खत्म हो जाएगा। इससे आपके लोन आवेदन पर कोई बुरा प्रभाव नहीं पड़ता।

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